कर्मो का भोग तो भोगना ही पड़ता है
आज का प्रवचन कर्मो पर है की { कर्मो का भोग तो भोगना ही पड़ता है }
गंगा जी के नहाहे से क्या पापी सब तर जायेगे,
मीम क्यों ना तरती जिसका गंगा जी मे घर है !!!
मनुष्य इस लोक मे बहुत सारे बुरे कर्म करता है और सोचता है की किसी ने उसको नहीं देखा पर वो ये भूल जाता है की भगवान हर जगह है इस कर्म बंधन से कोई नहीं बच सकता है,
कुछ पाप होते है और कुछ माहा पाप होते है, मनुष्य ये प्रयास करे की उससे पाप कभी न हो,
गरुड़ पुराण के अनुसार कुछ पाप निन्म लिखित है:-
-भ्रूण हत्या
-किसी की झूटी कसम खाना
-झूठ बोलना
-तम्बाकू बेचना (सिगरेट बेचना)
-पति को धोखा देना या पति से झूठ बोलना
-झूठा आरोप लगाना
-जो लोग गलत सलाह देते है या किसी की जिंदगी गलत - गलत सलाह देकर बर्बाद करते है (मासी, मामी, नानी, माँ, भाई)
-कम पढ़े लिखे होके शादी के लिए झूठ बोलना और किसी की लाइफ ख़राब करना और उसे धोखा देना
-अपनों से बड़ो से बदतमीज़ी करना या उनका अपमान करना या उनसे झूठ बोलना
-दुसरो की चुगली करना या बुराई करना या किसी की निंदा करने वाले लोग
चाहे कोई मासी हो, मामी हो, नानी हो, मामा हो, भाई हो, माँ हो, बाप हो, बाबा हो, जो ये पाप करता है या कोई इन पाप मे उस मनुष्य का साथ देता है वह मनुष्य भी पाप का भागी होते है, भगवान के लिए सब पापी एक है
किसी ने बहुत खूब कहा है , की दिल की हाय कभी खाली नहीं जाती, भगवान के घर देर है पर अंधेर नहीं, कर्मो का भोग तो भोगना ही पड़ता है.
उस मनुष्य के खानदान मे कोई एक चुलु पानी देने वाला कोई नहीं होते है और उस मानुष को कई जन्मो तक नरक की आग मे जलना होते है, तो मानुष प्रयास कर की कभी किसी दुराचारी का साथ ना दे वार्ना बहुत दुर्गति हो जायगी, भगवान से क्षमा मांग लेना और दुबारा गलती ना करना.
गलतिया ना करे ये सब त्रुटिया ना करे अन्यथा ये लोक और पर लोक दोनों बर्बाद हो जायेगे
किसी का दिल दुखा हो तो दास को क्षमा करे !!
-महाकाल का सेवक आप का (भगवान दास)
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